Tuesday, August 31, 2010

'भगवा' आतंकवाद का प्रलाप .......

सत्ता में बने रहने के लिए.....
सत्तासीन..... 
और सत्ता पाने के लिए....
सत्ताविहीन......
साथ में कुछ ....
तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पत्रकार.....  
और थोड़े से लोग बुद्धिहीन .....
दिन-रात अपना मत्था फोड़ रहे हैं....
चंद वोटों की ख़ातिर......
राजनीति के ये शातिर.....
कर रहे हैं अनर्गल प्रलाप ......
और जप रहे हैं.....
'भगवा' आतंकवाद का जाप.....
असल मुद्दों से हटकर...... 
धर्म व आतंकवाद की राजनीति कर..
त्याग, तपस्या और शौर्य के प्रतीक....
'भगवा' रंग को............................ 
आतंकवाद से जोड़ रहे हैं................
और इस क्रम में  ये दुष्ट..................
देशद्रोहियों को छोड़ ......................
देशभक्तों की गर्दन मरोड़ ..............
अपने प्यारे भारत को तोड़ रहे हैं......
क्या ये बेशर्म इतना भी नहीं जानते ?
कि हर बुराई की तरह.......................... 
आतंकवाद का भी कोई धर्म नहीं होता....
कोई 'रंग' आतंकवाद के संग नहीं होता....
इसीलिए इसका कोई 'रंग' भी नहीं होता....
क्या इनको इतनी भी नहीं तमीज़?
जो ये जान सकें........
कि इस दुनिया में ....
'हिन्दू' या 'भगवा' आतंकवाद.........
जैसी नहीं है कोई चीज़................