Saturday, August 14, 2010

कैसा 15 अगस्त!!!!!!!














कैसा 15 अगस्त!!!!!
किसका 15 अगस्त!!!!!
जब देश के सामने समस्याएँ....
अनगिनत.
लोगों में निराशा....
और आक्रोश जबरदस्त.  
जनता ग़रीबी,
भुखमरी,
महँगाई,
और बेकारी से  पस्त.
बचपन स्कूल के बाहर,
पेट की आग बुझाने को,
ढाबों, 
कारखानों और घरों में,
लोगों की दुत्कार खाने में,
व्यस्त.
युवा वर्ग बेरोज़गार.
न्याय अमीरों की मुठ्ठी में,
और सरकार लाचार.  
बेईमान नेता,
रिश्वतखोर,
राष्ट्रविरोधी तत्व और 
मुनाफ़ाखोर हैं मस्त. 
किसान आत्महत्या,
करने को मजबूर.
शहीदों के सपनों का भारत,
बनाने के सभी अरमान ध्वस्त.
तस्वीर साफ़ है कि .....
सिर्फ़ नाम का ही है ये आज़ादी पर्व.
फिर कोई कैसे करें इस पर गर्व ? 
हर पल इसी सोच में रत.... 
कैसा 15 अगस्त!!!!!
किसका 15 अगस्त!!!!!

नोट:-  दोस्तों आज़ादी के  इतने  सालों बाद भी देश में तमाम तरह की समस्याएँ हैं. जिन्हें देखकर अक्सर हमें घोर निराशा होती है. कितनो को तो दो वक़्त की रोटी भी नसीब नहीं. ये आप सब भी जानते हैं. ऐसे में कोई भी संवेदनशील इंसान इस तरह के उदगार व्यक्त करे तो इसमे शायद ही किसी को कोई आपत्ति हो. वैसे मेरे दिल में अपने देश और देशवासियों के प्रति अपार प्रेम है. वो कहते हैं न कि ............................................................
   
भरा नहीं जो भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं.
ह्रदय नहीं वह पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं.

ये पंक्तियाँ मेरे दिल के बहुत ही क़रीब हैं  

मैं तो बस इतना चाहता हूँ कि कभी वो १५ अगस्त भी आए जब हम सबको ये लगे कि अब अपने देश में सभी बड़ी समस्याएँ ख़त्म हो गई हैं. तब १५ अगस्त मनाने में जो मज़ा आएगा उसकी तो फ़िलहाल कल्पना ही की जा सकती है.

अंत में इस कामना के साथ की भगवान करें हमारे देश की सभी बड़ी समस्याएँ जल्द से जल्द समाप्त हो जाएँ. 

 मैं.............आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए अपनी बात यहीं ख़त्म करता हूँ .
                        
                     जय हिंद...........जय भारत 
                                                 
                                                धन्यवाद