Saturday, July 10, 2010

अरे ओ सत्तासीनों !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!












पिछले
कुछ महीनों से दालें
बहुत महंगी मिल रही हैं ----चित्र नंबर -1


राजस्थान और
देश के कुछ और सरकारी गोदामों में गेहूँ इस तरह से सड़ रहा हैं------चित्र नंबर -2


स्रोत:- The Times of India / Mail Today
और गूगल देवता

महंगाई
से त्रस्त आम आदमी के दुःख-दर्द
को वयाँ करती चंद पंक्तियाँ ...............




आजकल महंगाई इतना सता रही है....

कि अपनी जेब को भी रुलाई आ रही है...

ग़रीबों की तो बात ही छोड़ दीजिए.....

ये तो अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा रही है.



आम आदमी का दम निकल रहा है....

सरकार कहती है देश आगे बढ़ रहा है....

कुछ अभागों को तो दो वक़्त की रोटी के भी लाले पड़े हैं....

उधर सरकारी गोदामों में गेहूँ सड़ रहा है.



कुछ के लिए अब भी सब कुछ आसान हैं.....

बाकी सब परेशान हैं...............

क्या खाएँ और क्या बचाए ......

ये सोच-सोच कर हैरान हैं .



अरे ओ सत्तासीनों! कुछ तो शर्म करो....

इस महंगाई को थोड़ा तो कम करो....

अपनी बेरुख़ी से सताई इस जनता पर....

अब तो कुछ रहम करो.