Wednesday, June 30, 2010

वतन की आन में और तिरंगे की शान में.......

















भारत माता के ऐसे-2 सपूत हैं हिन्दुस्तान में...
जो मिटने को भी तैयार हैं वतन की आन में.....
ये सच है कि हम शान्ति के
दूत हैं, पुजारी हैं....
पर माफ़ न करेंगे, गुस्ताख़ी तिरंगे की शान में।