Saturday, May 15, 2010

हिन्दुस्तानियों एक हो जाओ......














देश के सारे दुश्मन मागेंगे पानी,

और याद आ जायेगी उनको नानी.
सर न उठा सकेगा एक भी जयचंद,
ग़र एक हो जाए सभी हिन्दुस्तानी.


बेरोज़गार.......














कुछ
करने की ललक, कुछ पाने की चाह....

और सीने में दफ़न, उनके अरमान अथाह....
हर पल टूटते सपने, और मुश्किलें बेशुमार....
यही है ज़िन्दगी उनकी, जो हैं बेरोज़गार।