Thursday, September 30, 2010

जीतेंगे जहां......

सुन ले ज़मीं...
चाहे सुन ले आसमां...
वादा है अपना...
जीतेंगे जहां...
जीतेंगे जहां...
हाँ..जीतेंगे जहां..
हमसे दीवाने...
मिलेंगे कहाँ...
कौन है जो हमको...
रोकेगा यहाँ...
रोकेगा यहाँ...
हाँ.. रोकेगा यहाँ... 
सुन ले ज़मीं...
चाहे सुन ले आसमां...
वादा है अपना...
जीतेंगे जहां...
प्यारे हिन्दुस्तां ...
तुझ पर कुरबां...
मेरा दिल मेरी जां ...
मेरा दिल मेरी जां ...
हाँ..मेरा दिल मेरी जां ...
होगा चर्चा...
अब सुबहो-शाम
पूरे होंगे...
दिल के अरमां...
दिल के अरमां...
हाँ... दिल के अरमां ...
सुन ले ज़मीं...
चाहे सुन ले आसमां...
वादा है अपना...
जीतेंगे जहां...
जीतेंगे जहां...
हाँ जीतेंगे जहां..




संदर्भ:- राष्ट्रकुल खेलों में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दिलों में झाँकती चंद पंक्तियाँ..................................................

20 comments:

  1. bahut hi sundar pantiyon se sajjit kavita...
    hamare khiladiyon ko shubhkaamnayein...

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  2. प्यारे हिन्दुस्तां ...
    तुझ पर कुरबां...
    मेरा दिल मेरी जां ...
    मेरा दिल मेरी जां ...
    जरूर जीतेंगे। इस सुन्दर प्रेरक सकारात्मक रचना के लिये बधाई व आशीर्वाद।

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  3. मेरे मुताबिक तो ये अब तक की आपकी श्रेष्ठतम रचनाओं में से एक है ,बहुत ही बढ़िया रचना ,हो सके तो इसकी धुन भी तैयार करके इसे एक song का रूप भी डे दीजिए ,अपने रहमान साहब का तो commonwealth theme song इतना चला नहीं लेकिन ये ज़रूर धमाके करेगा :) :)

    महक

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  4. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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  5. वादा है अपना...
    जीतेंगे जहां...
    जीतेंगे जहां...

    bahut khub aadhunik kavita

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
    बदलते परिवेश में अनुवादकों की भूमिका, मनोज कुमार,की प्रस्तुति राजभाषा हिन्दी पर, पधारें

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  7. सुन ले ज़मीं...
    चाहे सुन ले आसमां...
    वादा है अपना...
    जीतेंगे जहां...

    very encouraging creation.

    .

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  8. बुलंद हौसलों ने ही जहां को जीता है।

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  9. प्रेरक सकारात्मक रचना के लिये बधाई

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  10. बिलकुल जीतेंगें हम ये जहाँ उसी तरफ तो अग्रसर हो रहे हैं, ....

    सुन्दर रचना पर बधाई.

    चन्द्र मोहन गुप्त

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  11. राष्ट्रकुल खेलों में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए लिखी आपकी ये पंक्तिया बेमिसाल हैं .....शुक्रिया ....!!

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  12. हम जीतने को तैयार हैं। बहुत अच्छी कविता।

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  13. inspiring poem...full of positive energy!!

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  14. मेरे ब्लॉग पर इस बार ....
    क्या बांटना चाहेंगे हमसे आपकी रचनायें...
    अपनी टिप्पणी ज़रूर दें...
    http://i555.blogspot.com/2010/10/blog-post_04.html

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  15. बस रहे ये सलामत ...
    इतना अरमान है ...
    ये हमारी जान है ...
    इतना प्यारा हमारा ...
    हिन्दुस्तान है ...
    अनेकता में एकता ...
    इसकी पहचान है ...

    har bharatwasi ka yahi jazba hona chahiye.

    .

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  16. सुन्दर रचना लिखी है दोस्त. बहुत उम्दा.

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