Tuesday, August 17, 2010

राष्ट्रकुल खेलों के नाम पर लूट क्यों ?

राष्ट्रकुल खेलों की तैयारी के नाम पर.
'लूटरे' सरकारी धन को....................
जमकर रहे हैं लूट.............................
लेकिन क्यों ?...................................
क्योंकि लूटने वाले .............. ............
अपने देश की जाँच प्रक्रिया और ......
क़ानूनी जटिलताओं को पहचानतें है.
और ये अच्छी तरह जानते हैं.............
कि अव्वल तो वे पकड़े ही नहीं जाएँगें.
ग़र पकड़े भी गए ...............................
तो पहले उन पर मुक़दमा चलेगा.......
फिर एक लंबे समय बाद.................... 
अदालत का निर्णय आएगा ...............
तब तक............................................. 
उनमें से कुछ तो मर जाएँगें ..............
हो सकता है एक या दो को................. 
थोड़ी बहुत सज़ा भी हो जाए...............
लेकिन बाकी तो छूट ही जाएँगें ..........




 

8 comments:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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  2. तो पहले उन पर मुक़दमा चलेगा
    फिर एक लंबे समय बाद
    अदालत का निर्णय आएगा
    तब तक....
    उनमें से कुछ तो मर जाएँगें
    हो सकता है एक या दो को
    थोड़ी बहुत सज़ा भी हो जाए......

    bahut khoob .....!!

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  3. वक़्त को सर झुका, मुद्दई मर चुका
    मुकद्दमा मगर फिर भी चलता रहा !


    ऐसा लगा आपकी कविता पढ़कर जैसे मैं अपने ही भावो को पढ़ रहा हूँ

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  4. गहरे भाव लिये हुये बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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  5. सुंदर प्रस्तुति!

    हिन्दी हमारे देश और भाषा की प्रभावशाली विरासत है।

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