Tuesday, August 10, 2010

आओ करें 'पैसे' को प्रणाम !

















आओ करें 'पैसे' को प्रणाम !
गाकर  सभी 'पैसे' का  गुणगान  !
सारी दुनिया जपती  इसका  नाम !
क्योंकि बिन 'पैसे' के बनता नहीं  काम !
इसलिए आओ करे 'पैसे' को प्रणाम !
गाकर सभी  'पैसे' का  गुणगान !
अमीर हो या ग़रीब !
दोस्त हो या रक़ीब !
आम आदमी से लेकर महात्माओं तक !
मालिक से लेकर नौकर तक !
पुजारी से लेकर व्यापारी तक !
नेताओं से लेकर अधिकारी तक ! 
भई.. सभी का नाम तो मुश्किल है लेना!
इसलिए जो छूट गए हों,  माफ़ कर देना!
फिर वापस 'पैसे' की बात पर आते हैं !
वो सभी जो 'पैसा' चाहते हैं !
इसे पाने के लिए !
कैसी- जुगत भिड़ाते हैं !
घपला, घोटाला, हत्या और चोरी  करते और कराते हैं ! 
साम, दाम, दंड और भेद की सभी नीतियाँ अपनाते हैं !  
ग़र किसी का भेद खुल जाता है !
तो अच्छे -अच्छों को चक्कर जाता है !
कुछ  चालाकी से 'पैसा' कमाते हैं !
और  शरीफ़ों को  रुलातें हैं
हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं !
नकली रूपए तक छपवा लेते हैं ! 
और फिर ढेर सारा 'पैसा' पाते हैं !
कभी -२ फंस भी जाते हैं !
पुलिस के डंडे खाकर जेल भी जाते हैं !
बाद में छूटकर फिर से वही जाल फैलाते हैं !
जो ईमानदारी से कमाते हैं !
सुबह से लेकर शाम तक मेहनत करते हैं ! 
वो थोड़ा बहुत ही पाते हैं !
लेकिन बेचारे उसी में संतुष्ट हो जाते  हैं !
और किसी तरह ज़िन्दगी बिताते हैं !
आजकल 'पैसा' है तो बात है !
और जितना 'पैसा' है  उतनी ही औक़ात है !
जब तक 'पैसा' है तो हर कोई अपना है !
बिना पैसे के 'वो हर कोई' एक बुरा सपना है !
इसलिए तो कहता हूँ  श्रीमान !
पैसा है बड़ा  ही मूल्यवान !
बिन 'पैसों' के रहते हैं सभी परेशान !
ईमानदार हों या बेईमान!
सभी करते हैं 'पैसों' का ध्यान !
इसलिए छोड़ के सारे काम-धाम  !
आओ करें 'पैसे'  को प्रणाम ! 
गाकर सभी  'पैसे' का  गुणगान !   
और जो नहीं हैं 'पैसों' के ग़ुलाम !
वो समझ रहे होंगे मुझको नादान !
तो  बात ये है श्रीमान !
आप तो हों भई महान ! 
और सही में आप ही हैं सच्चे इंसान!
पर आप जैसों की संख्या तो बहुत ही कम है !
और इस बात का मुझको  भी ग़म है !
कम पैसों वालों का अक्सर होता है अपमान !
बिन पैसों वालों का नहीं  कोई भी मान !
इसलिए अक्सर होता हूँ  हैरान !
फिर भी आप न हो बिल्कुल भी  परेशान !
मैं करता हूँ आपका बहुत ही  सम्मान !
आप जैसे लोग ही तो हैं समाज और देश कि शान!  
जो आगे चलकर बनते हैं बहुत बड़े महान ! 
आशा है कि अब आप ख़ुश होंगे !
मेरी मज़बूरी समझ गए होंगे ! 
आपका भी बड़ा होगा थोड़ा सा ज्ञान !
और आपको भी हाथ जोड़कर प्रणाम !  
पर इतना सुन लीजिए आज पैसा ही सबकुछ है !
ये एक कड़वा सच है !
पैसा है तो शान हैं ! 
गाडी,बंगला और मकान हैं !
कलयुग में 'पैसा' ही है इंसानों का भगवान !
'पैसों' के लिए तो लोग बदल देते अपना ईमान !
फिर इसके महिमा गान में कैसा अपमान ! 
इसलिए आओ करे 'पैसे' को प्रणाम !
गाकर सभी 'पैसे' का गुणगान ! 

-------------विरेन्द्र सिंह चौहान !




नोट :- प्रिय ब्लॉग पाठकों, 'पैसे' के बारे में ये मेरी व्यक्तिगत राय   
           नहीं है.  चूँकि आजकल  लोग 'पैसे' को कुछ ज़्यादा ही 
           महत्व देने लगे हैं इसलिए मैंने लोगों की ऐसी सोच  
           पर एक व्यंग रचना लिखने का प्रयास किया है. मेरा तो ये 
           मानना है कि 'पैसा' बहुत कुछ है लेकिन सब कुछ नहीं है.

11 comments:

  1. बेहतरीन। लाजवाब।

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  2. पैसा का महिमा गान बहुत ही अनोखा है। आपने सच कहा पैसा ही सब कुछ नहीं होता मगर अफसोस आज यही जीवन की सच्चाई बन गई है,अच्छा व्यंग है।

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  3. paise ke bhane aapne hr tbke tk klm chlai hai. beshk paisa sbkuchh nhi hai mgr nihsndeh bhut kuchh hai . ha ! tkleef hoti hai jb pair chadr se bahr ho jata hai .
    mai to khti hun paise ka upyog shi sthiti hai our bhog trasdi ko bulawa .

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  4. आओ करें 'पैसे' को प्रणाम !
    गाकर सभी 'पैसे' का गुणगान !
    सारी दुनिया जपती इसका नाम !
    क्योंकि बिन 'पैसे' के बनता नहीं काम !
    इसलिए आओ करे 'पैसे' को प्रणाम !

    आज की duniya ka ...katu satya hai

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  5. Virender ji 100 % satya hai..
    agar aapke paas paisa hai..
    to duniya sallam kartia hai..
    aaj ke samay me paisa bhagwan ban chuka hai...
    paise ke bina kuch nahi..

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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  7. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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  8. आपकी टिपण्णी के लिए आपका आभार ...अच्छी कविता हैं...बहुत अच्छी .

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  9. sach hain har kahin paise ka bplbala..usi ki pooja hian.

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  10. माया मुई न मन मुआ मर-मर गया शरीर .....

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  11. Maine isko kal bhi padha tha or tippani bhi thi pata nahi kahana gayab ho gayi..vase pase upar aapki ye rachna pasnd bahut aai..bdhai...

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