Thursday, May 13, 2010

तेरा हुस्न मेरा क़ातिल है

हर वक्त मेरी ज़िन्दगी में, 
तन्हाई का राज़ है।
मेरा क़ातिल है तेरा हुस्न, 
जिस पर तुझे इतना नाज़ है।

2 comments:

  1. waah..
    kya baat hai......
    regards..
    http://i555.blogspot.com/

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  2. SIR KYA LIKH DIYA......DIL KO CHU GAYI LAINE...

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